कोटा: समाज में शिक्षा, साहित्य एवं संस्कृत भाषा के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध संस्था ‘राजगंगा चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर’ तथा संस्कृत विभाग, राजकीय कला महाविद्यालय, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में संभाग-स्तरीय ‘संस्कृत ज्ञान-स्पर्धा’ (श्लोक-पाठ प्रतियोगिता) एवं ‘सारस्वत सपर्या’ समारोह हर्षोल्लासपूर्वक आयोजित किया गया।
सारस्वत अतिथि राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय कोटा के पूर्व प्राचार्य डॉ. बजरंग लाल तथा विशिष्ट अतिथि कॉलेज शिक्षा विभाग के पूर्व सहायक निदेशक प्रो. गीताराम शर्मा रहे।
कार्यक्रम समन्वयक राजकीय कन्या महाविद्यालय रामपुरा के प्राचार्य प्रो. पूर्णचन्द्र उपाध्याय ने संभाग स्तरीय संस्कृत ज्ञान स्पर्धा के आयोजन के आभिमुख्य एवं राज गंगा ट्रस्ट जयपुर का परिचय प्रदान करते हुए कहा कि राज गंगा ट्रस्ट की स्थापना संस्कृत के मूर्धन्य मनीषी प्रोफेसर गंगाधर भट्ट की स्मृति में स्थापित किया गया है। राज गंगा ट्रस्ट प्रतिवर्ष संस्कृत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए संस्कृत प्रतिभा सम्मान एवं संस्कृत के विद्यार्थियों की संस्कृत के प्रति रुचि संवर्धन के लिए विभिन्न प्रकार के आयोजनार्थ आर्थिक सहायता प्रदान करता है।
संप्रति राज गंगा ट्रस्ट के पदाधिकारी के रूप प्रोफेसर भट्ट की धर्मपत्नी विदुषी राजेश्वरी भट्ट एवं प्रोफेसर श्री कृष्ण शर्मा, डॉक्टर नाथूलाल सुमन आदि की भूमिका अत्यंत प्रशंसनीय है ।कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय कला महाविद्यालय कोटा की कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. जतिंदर कोहली ने की।
‘सुरभारती मयूख सम्मान’ से सम्मानित हुए सारस्वत साधक
समारोह के विशेष ‘सारस्वत सपर्या’ सत्र के अन्तर्गत उच्च शिक्षा में संस्कृत भाषा की उत्कृष्ट एवं दीर्घकालिक सेवा के लिए विद्वानों को संस्कृत विभाग की ओर से शाल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर ‘सुरभारती मयूख सम्मान’ से अलंकृत किया गया।
सम्मानित होने वाले मूर्धन्य सारस्वत साधकों में डॉ. बजरंग लाल (पूर्व प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष), प्रो. गीताराम शर्मा (पूर्व सहायक निदेशक), डॉ. सरिता भार्गव (पूर्व प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय बाराँ), डॉ. हेमलता लोया (पूर्व प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय कोटा), डॉ. सुदेश आहूजा एवं डॉ. साधना कंसल शामिल रहे।
संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. मंजू जैन ने बताया कि राजगंगा चैरिटेबल ट्रस्ट के आर्थिक सौजन्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में कोटा संभाग के 12 प्रमुख महाविद्यालयों— राजकीय महाविद्यालय बूंदी, राजकीय कन्या महाविद्यालय बूंदी, राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय चेचट, राजकीय महाविद्यालय कनवास, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय झालावाड़, राजकीय कन्या महाविद्यालय रामपुरा (कोटा), राजकीय कन्या महाविद्यालय बाराँ, राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय कोटा, राजकीय कला कन्या महाविद्यालय कोटा, राजकीय महाविद्यालय रामगंजमंडी, राजकीय कला महाविद्यालय कोटा एवं राजकीय महाविद्यालय चेचट—के 22 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सस्वर श्लोक-पाठ किया।
प्रो. सरिता भार्गव, प्रो. हेमलता लोया एवं प्रो. गीताराम शर्मा के निर्णायक मण्डल ने परिणामों की घोषणा की, जिसमें प्रथम स्थान शुभम गौतम (राजकीय कला महाविद्यालय, कोटा), द्वितीय स्थान सचिन मालव (राजकीय महाविद्यालय, बूंदी) तथा तृतीय स्थान लाभांशी शर्मा (राजकीय कला कन्या महाविद्यालय, कोटा) ने प्राप्त किया ।
वहीं दिया शर्मा, गौरी सुमन एवं साहिबा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।राजगंगा चैरिटेबल ट्रस्ट जयपुर की आर्थिक सहायता से यह कार्यक्रम हुआ और इसके अन्तर्गत प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थी को 3100/- द्वितीय को 2100/- व तृतीय को 1100/ राशि नक़द पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई ।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य प्रो. वन्दना शर्मा, प्रो. राजेश बैरवा, डॉ. महावीर साहू, डॉ. बृजेश शर्मा व डॉ हेमराज सैनी का विशेष योगदान रहा।
इस भव्य आयोजन में प्रो. विवेक मिश्रा, प्रो. निधि शर्मा, प्रो. विवेक शंकर, प्रो. संदीप चौहान, प्रो. संजय लक्की, डॉ. रसीला, डॉ. पूनम मैनी, डॉ. उज़मा ख़ानम सहित 60 से अधिक प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।मंच संचालन डॉ. ललित नामा तथा डॉ. कल्पना श्रृंगी द्वारा किया गया।



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