नरेंद्रनगर, टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय, नरेंद्रनगर में एक प्रभावशाली जनजागरूकता अभियान चलाया गया।
यह कार्यक्रम महाविद्यालय के कैरियर काउंसिलिंग एवं कौशल विकास सेल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं ने आकर्षक चार्ट, पोस्टर और प्रभावी स्लोगन के माध्यम से वन अग्नि से होने वाले नुकसान और उसके बचाव के उपायों को जनसामान्य तक पहुँचाने का प्रयास किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. प्रणिता नंद ने अपने संबोधन में कहा कि वन हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं, जिनकी सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्र-छात्राओं द्वारा इस प्रकार के जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के संयोजक, कैरियर काउंसिलिंग एवं कौशल विकास सेल के प्रभारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल शैक्षणिक विकास ही नहीं, बल्कि छात्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरणीय चेतना का विकास करना भी है। वन अग्नि की रोकथाम के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
यह अभियान उत्तराखंड सरकार एवं वन विभाग, नरेंद्रनगर की पहल के अनुरूप आयोजित किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सहयोग मिल सके। कार्यक्रम में सागर नेगी, सुनीता थापा, साक्षी, स्वेता, सूरज आदि के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे अभियान को व्यापक समर्थन मिला।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों में डॉ. नताशा, डॉ. आराधना, डॉ. हिमांशु जोशी एवं डॉ. मनोज अजय सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
यह जनजागरूकता अभियान न केवल छात्रों के लिए एक सीखने का अवसर साबित हुआ, बल्कि समाज में वन संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी रहा।


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