August 20, 2026

Naval Times News

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हरिद्वार में गूंजे शिव-पार्वती विवाह के जयकारे, श्री शिव महापुराण कथा में मनाया गया पार्वती जन्मोत्सव

संजीव शर्मा,हरिद्वार, 20 अगस्त 2026: ​सनातन ज्ञान पीठ शिव मंदिर, सेक्टर-1 समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के छठे दिवस कथा स्थल पर ‘पार्वती जन्मोत्सव’ और ‘श्री शिव-पार्वती विवाह प्रसंग’ का अत्यंत भव्य एवं भक्तिमय तरीके से आयोजन किया गया।

कथा व्यास परम पूज्य आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी जी महाराज ने सती के पुनर्जन्म से लेकर देवाधिदेव महादेव के साथ उनके विवाह की पावन गाथा का रसपान कराया।​कथा को आगे बढ़ाते हुए पूज्य महाराज जी ने बताया कि सती के देह त्याग के पश्चात् शिव जी गहरे ध्यान में लीन हो गए।

उधर, ताड़कासुर के अत्याचारों से देवताओं को मुक्त कराने के लिए जगदम्बा ने पर्वतराज हिमालय और माता मैना के घर माता पार्वती के रूप में जन्म लिया। नारद जी के उपदेश से प्रेरित होकर माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए वर्षों तक कठोर एवं निराहार तपस्या की। माता की अचल भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर आशुतोष भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया।​

महाराज जी ने शिव-पार्वती विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि देवर्षि नारद की प्रेरणा से हिमालय राज ने शिव जी के समक्ष विवाह का प्रस्ताव भेजा।

इसके बाद भूत-प्रेत, नंदी, गणों और समस्त देवी-देवताओं के साथ भगवान शिव की अलौकिक बारात राजा हिमाचल की नगरी पहुँची।और बड़े ही धूम धाम के साथ शिव-पार्वती विवाह संपन्न हुआ। भस्मधारी महादेव और सुंदर रूपमयी पार्वती का यह दिव्य विवाह सनातन संस्कृति में ज्ञान और वैराग्य के भक्ति के साथ मिलन का प्रतीक है।

​कथा के अंत में पूज्य महाराज जी ने पावन ‘रुद्राक्ष की महिमा’ का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रुद्राक्ष भगवान शिव के अश्रुओं से प्रकट हुआ साक्षात शिव स्वरूप है। रुद्राक्ष धारण करने से मनुष्य के समस्त कष्ट नष्ट हो जाते हैं और उसे मानसिक शांति एवं आरोग्य की प्राप्ति होती है। जो भक्त सच्चे हृदय से रुद्राक्ष धारण कर महादेव का ध्यान करता है, उस पर प्रभु की अनुकंपा सदैव बनी रहती है।

​महाराज जी ने संदेश दिया कि सच्चा प्रेम, निष्काम भक्ति और दृढ़ संकल्प विषम से विषम परिस्थितियों में भी ईश्वर को प्राप्त करा देता है।

​कथा के दौरान मुख्य यजमान जे.पी. अग्रवाल व मंजू अग्रवाल सहित ब्रिजेश शर्मा, दिलीप गुप्ता, जयप्रकाश, तेजप्रकाश, राकेश मालवीय, अनिल चौहान, सुनील चौहान, मोहित शर्मा, मानदाता, हरिनारायण त्रिपाठी, दिनेश उपाध्याय, पंकज चौहान, प्रशांत, अलका शर्मा, संतोष चौहान, पुष्पा गुप्ता, सरला शर्मा, अन्नपूर्णा, राजकिशोरी मिश्रा, रेनू शर्मा, कुसुम गैरा, कौशल्या, सुमन चौहान, मनसा मिश्रा, सुहानी गुप्ता, सुनीता चौहान एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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