August 17, 2026

Naval Times News

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हरिद्वार: श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन कथा मे उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

हरिद्वार,17 अगस्त 2026 :  सनातन ज्ञान पीठ शिव मंदिर सेक्टर 1 समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस की कथा मे कथा स्थल भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

कथा व्यास परम पूज्य आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी जी महाराज ने अपनी संगीतमय एवं ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा का रसपान कराते हुए कहा कि त्रिपुंड भस्म धारण करना केवल एक धार्मिक चिह्न नहीं, बल्कि शिव तत्व को अपने भीतर जागृत करने और मन को निर्मल बनाने का परम साधन है।

​महाराज जी ने कथा के दौरान त्रिपुंड के गूढ़ आध्यात्मिक महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मस्तक पर भस्म से खींची जाने वाली तीन रेखाएँ संपूर्ण ब्रह्मांडीय व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करती हैं। पहली रेखा ऋग्वेद, पृथ्वी लोक, रजोगुण, गार्हपत्य अग्नि और क्रिया शक्ति की प्रतीक है। दूसरी मध्य रेखा यजुर्वेद, अंतरिक्ष लोक, सत्वगुण, दक्षिणाग्नि और ज्ञान शक्ति को दर्शाती है। वहीं तीसरी रेखा सामवेद, स्वर्ग लोक, तमोगुण, आह्वनीय अग्नि और इच्छा शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है।

कथा व्यास महाराज जी ने कहा कि भस्म हमें इस नश्वर संसार और शरीर की अनित्यता का स्मरण कराती है। इसे धारण करने से अहंकार, काम, क्रोध और मोह का नाश होता है तथा साधक में वैराग्य व असीम शांति का संचार होता है।

​त्रिपुंड लगाने की सही प्रामाणिक विधि समझाते हुए पूज्य व्यास जी ने कहा कि साधक को सदैव स्नान के उपरांत ही शुद्ध एवं पवित्र यज्ञ कुंड या मंदिर की भस्म का प्रयोग करना चाहिए। त्रिपुंड लगाने के लिए दाहिने हाथ की तीन उंगलियों—अनामिका, मध्यमा और तर्जनी का उपयोग किया जाता है। भस्म लेकर मस्तक पर बाएँ हाथ से दाएँ हाथ की ओर तीन समांतर रेखाएँ खींची जाती हैं। इसके पश्चात अंगूठे को विपरीत दिशा यानी दाएँ से बाएँ की ओर बीच की रेखा पर फेरा जाता है और अंत में मध्य में रोली या चंदन का तिलक लगाया जाता है।

​महाराज जी ने बल देकर कहा कि त्रिपुंड धारण करते समय ‘ॐ नमः” शिवाय’ अथवा महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप करना चाहिए। तीनों रेखाएँ खींचते समय क्रमशः ‘ॐ नमः’, ‘ॐ शिवाय’, और ‘ॐ महेश्वराय’ का मन में ध्यान करना अत्यंत ,,शुभ फलदायी होता है।

कथा के समापन पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया तथा उपस्थित अपार जनसमूह के बीच प्रसाद का वितरण हुआ। समिति के पदाधिकारियों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर शिव भक्ति का पुण्य लाभ उठाने का आह्वान किया।

कथा के मुख्य यजमान जे.पी.अग्रवाल एवं पत्नी मंजू अग्रवाल,ब्रिजेश शर्मा,दिलीप गुप्ता,जयप्रकाश,तेजप्रकाश,राकेश मालवीय,अनिल चौहान,सुनील चौहान,मोहित शर्मा,मानदाता,हरि नारायण त्रिपाठी, दिनेश उपाध्याय,सात्विक चौहान,अलका शर्मा,संतोष चौहान,पुष्पा गुप्ता,सरला शर्मा,अनपूर्णा, राजकिशोरी मिश्रा, सुमन, कुसुम गैरा, कौशल्या,सुमन चौहान,मनसा मिश्रा,सुहानी गुप्ता,सुनीता चौहान एवं अनेको श्रद्धालु कथा के दौरान सम्मिलित रहे।

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